एक दिन अचानक यूँ ही सोचा मैंने काश कही ऐसा होता इस दुनिया में कोई गम ना होता कोई प्यासा ना होता कोई तरसा ना होता हर होठ पर शबनम और हंसी होती इस दुनिया में सिर्फ ख़ुशी होती हर दिल में सिर्फ मोहब्बत होती नफरत की कोई जगह ना होती; फिर तभी सोचा मैंने [...]
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Mann kee soch
Posted in Uncategorized, tagged Hindi Poem on February 24, 2010 | 1 Comment »